‘‘ एक गांव ऐसा, गांधी के सपनों के जैसा…

दो साल पहले की ही बात है। इस गाँव की तस्वीर ऐसी न थीं। अपने गाँव से विवाह के बाद आई टुकेश्वरी एमए पास है तो क्या हुआ ? उसके पास कोई काम न था। गाँव वालों के अपने खेत तो थे, लेकिन इन खेतों में हरियाली सिर्फ बारिश के दिनों में ही नजर आती थीं। फसल बोते थे लेकिन दाम सहीं नहीं मिलने से कर्ज में लदे थे। गाँव का गणेश, रामाधार हो या सेन काका.. सभी अपने गांव को खुशहाल देखना चाहते थे। दुलारी के पति सालों पहले…

यह पकवान है छत्तीसगढ़ की शान, स्वाद और मिठास है इसकी पहचान, गढ़कलेवा में घुलने लगी छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्वाद की मिठास

रायपुर। जिस तरह गीत के साथ संगीत का, सुर के साथ ताल का, ध्वनि के साथ तरंग का तालमेल होता है और इनकी जुगलबंदी सबकों मंत्र-मुग्ध कर देती है, ठीक उसी तरह ही छत्तीसगढ़ का व्यंजन है ,जो बनाने वाले के अदभुत पारम्परिक पाककला के साथ उनकी मीठी और भोली बोली के चाशनी में डूबकर आपकों गढ़ कलेवा में कुछ इस तरह मिलेगी कि आप इसे खाते ही कहेंगे…वाह मजा आ गया….। निश्चित ही स्वाद के साथ मिठास भी आपको मिलेगा और एक बार खाने के बाद बार-बार खाने के…

शिक्षक दिवस पर विशेष लेख : शिक्षकगणों का सम्मान हम सबकी सामाजिक जिम्मेदारी

रायपुर। हमारे जीवन को सँवारने में शिक्षक बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। शिक्षक दिवस, जो हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है, हम सभी के लिये उन्हें धन्यवाद देने का महत्वपूर्ण अवसर है। देश के प्रथम उपराष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। जब वे भारत के राष्ट्रपति थे तब कुछ पूर्व छात्रों और मित्रों ने उनसे अपना जन्मदिन मनाने का आग्रह किया। उन्होंने विनम्रतापूर्वक कहा कि यह बेहतर होगा कि आप इस दिन को शिक्षक दिवस के…

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जन्म दिवस पर विशेष लेख : किसान हितैषी मुख्यमंत्री के रूप में मिली पहचान

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों की बेहतरी के लिए उठाए गए कदमों से उन्हें किसान हितैषी मुख्यमंत्री के रूप में नई पहचान मिली है। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतों को सहेजते हुए मुख्यमंत्री ने जमीनी हकीकतों पर केन्द्रित विकास का छत्तीसगढ़ी माडल विकसित किया, जिसके केन्द्र में किसान, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और जरूरतमंद लोग हैं। उन्होंने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का नारा दिया। उन्होंने अपने छत्तीसगढ़ी माडल में छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के विकास को गांवों के उत्थान का माध्यम बनााया है। मुख्यमंत्री…

विशेष लेख : वन अधिकार, वनवासियों के चेहरे पर खुशियां अपार, खुला प्रगति का द्वार, वन अधिकार मान्यता पत्र देने में देश का अग्रणी राज्य बना छत्तीसगढ़

रायपुर। जल, जंगल और जमीन आदिवासियों की परंपरा एवं संस्कृति का अटूट हिस्सा ही नहीं बल्कि उनकी आजीविका का साधन भी है। आदिकाल से वनों पर निर्भर आदिवासी समाज इसके सानिध्य में ही अपना घरौंदा बनाकर जीवनयापन करता रहा है। विलासिता से दूर, प्रकृति की गोद में अपने अस्तित्व को बचाकर रखा और साथ ही साथ प्रकृति का संरक्षण भी किया। जान जोखिम में डालने से लेकर जान गंवाने तक वनवासी कभी अपना घरौंदा छोड़कर नहीं भागे। वनोपज हो या अन्य संसाधन, अपने जीवनयापन के लिए ही उन संसाधनों का…

“विश्व आदिवासी दिवस पर विशेष लेख’’ आदिवासी समुदाय को जल, जंगल और जमीन से जोड़ने की सार्थक पहल

रायपुर(बीएनएस)। मूलनिवासियों को हक दिलाने और उनकी समस्याओं का समाधान, भाषा, संस्कृति, इतिहास के संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा द्वारा 9 अगस्त 1994 को जेनेवा शहर में विश्व के मूलनिवासी प्रतिनिधियों का ’प्रथम अंतर्राष्ट्रीय मूलनिवासी दिवस’ सम्मेलन आयोजित किया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने व्यापक चर्चा के बाद 21 दिसम्बर 1994 से 20 दिसम्बर 2004 तक ’’प्रथम मूलनिवासी दशक’’ और प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को मूल निवासी दिवस (विश्व आदिवासी दिवस) मनाने का फैसला लिया और विश्व के सभी देशों को मनाने के निर्देश दिए। छत्तीसगढ़ में…

‘गोधन न्याय योजना‘ : छत्तीसगढ़ अब आर्गेनिक फार्मिंग की ओर

रायपुर। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के समान ही छत्तीसगढ़ अब जैविक राज्य बनने की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार ने इस दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा दिए हैं। ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को तेजी से मजबूत करने के लिए राज्य सरकार हरेली त्योहार से ‘गोधन न्याय योजना‘ शुरू करने जा रही है। सुराजी गांव योजना‘ और ‘गोधन न्याय योजना‘ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की ग्रामीणों परंपराओं के अनुरूप गांवों में एक ऐसी स्वचालित प्रणाली विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें गांवों के सभी लोगों की भागीदारी होगी।…

डीएमएफ फंड: खदान प्रभावित क्षेत्रों में जीवन स्तर में बढ़ोतरी के कार्य होेंगे

छत्तीसगढ़ में डीएमएफ फंड का उपयोग अब खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और प्रभावित क्षेत्रों के रहवासियों की बेहतरी की योजनाओं में होगा। योजनाओं को तय करने में अब स्थानीय विधायक और खनन प्रभावित क्षेत्र की ग्राम सभा के सदस्यों की भी सक्रिय भागीदारी होगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियमों में किए गए संशोधन से यह संभव हो सका है। संशोधन के अनुसार अब डीएमएफ की शासी परिषद में जिला कलेक्टर के स्थान पर प्रभारी मंत्री अध्यक्ष तथा क्षेत्रीय विधायक सदस्य होंगे।…

अमेरिका में छत्तीसगढ़ को मिली ‘ग्रोइंग ट्राइबल स्टेट‘की पहचान

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की 10 दिवसीय अमेरिकी यात्रा के दौरानग्रामीण आर्थिक मॉडल को अमेरिका मेंखूब सराहा गया।मुख्यमंत्री के इस दौरे ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को ‘ग्रोइंग ट्राइबल स्टेट‘ के रूप में नई पहचान मिली है। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आर्थिक माडल के जरिए वैश्विक मंदी के बावजूद सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई। इसे हार्वर्ड विष्वविद्यालय के अमेरिकी विद्वानों की सराहना मिली। श्री बघेल छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान दिया। नोबल अर्थशास्त्री प्रो. अभिजीत बनर्जी से मुख्यमंत्री की…

मुख्यमंत्री का अमेरिका प्रवास: छत्तीसगढ़ में नई संभावनाएं के खुलेंगे द्वार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दस दिवसीय अमेरिका प्रवास कई मायनों में सार्थक रहा। अमेरिका में भारतीय औद्योगिक निवेशकों से चर्चा छत्तीसगढ़ के लिए नई संभावनाएं के द्वार खोलेगा। अर्थशास्त्र में नोबल पुरस्कार प्राप्त प्रो. अभिजीत बनर्जी राज्य की अर्थ व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही मानव सूचकांक में बेहतर प्रदर्शन के लिए योजना बनाने में सहायता देंगे। यह गढबो नवा छत्तीसगढ़ के लिए सार्थक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का 30 से 40 प्रतिशत क्षेत्र अत्यंत पिछड़ा है। जहां 50 से 60 प्रतिशत गरीबी है। यह क्षेत्र वनों…