‘गोधन न्याय योजना‘ : छत्तीसगढ़ अब आर्गेनिक फार्मिंग की ओर

रायपुर। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के समान ही छत्तीसगढ़ अब जैविक राज्य बनने की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार ने इस दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा दिए हैं। ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को तेजी से मजबूत करने के लिए राज्य सरकार हरेली त्योहार से ‘गोधन न्याय योजना‘ शुरू करने जा रही है। सुराजी गांव योजना‘ और ‘गोधन न्याय योजना‘ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की ग्रामीणों परंपराओं के अनुरूप गांवों में एक ऐसी स्वचालित प्रणाली विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसमें गांवों के सभी लोगों की भागीदारी होगी।…

डीएमएफ फंड: खदान प्रभावित क्षेत्रों में जीवन स्तर में बढ़ोतरी के कार्य होेंगे

छत्तीसगढ़ में डीएमएफ फंड का उपयोग अब खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और प्रभावित क्षेत्रों के रहवासियों की बेहतरी की योजनाओं में होगा। योजनाओं को तय करने में अब स्थानीय विधायक और खनन प्रभावित क्षेत्र की ग्राम सभा के सदस्यों की भी सक्रिय भागीदारी होगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियमों में किए गए संशोधन से यह संभव हो सका है। संशोधन के अनुसार अब डीएमएफ की शासी परिषद में जिला कलेक्टर के स्थान पर प्रभारी मंत्री अध्यक्ष तथा क्षेत्रीय विधायक सदस्य होंगे।…

अमेरिका में छत्तीसगढ़ को मिली ‘ग्रोइंग ट्राइबल स्टेट‘की पहचान

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की 10 दिवसीय अमेरिकी यात्रा के दौरानग्रामीण आर्थिक मॉडल को अमेरिका मेंखूब सराहा गया।मुख्यमंत्री के इस दौरे ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को ‘ग्रोइंग ट्राइबल स्टेट‘ के रूप में नई पहचान मिली है। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आर्थिक माडल के जरिए वैश्विक मंदी के बावजूद सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई। इसे हार्वर्ड विष्वविद्यालय के अमेरिकी विद्वानों की सराहना मिली। श्री बघेल छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान दिया। नोबल अर्थशास्त्री प्रो. अभिजीत बनर्जी से मुख्यमंत्री की…

मुख्यमंत्री का अमेरिका प्रवास: छत्तीसगढ़ में नई संभावनाएं के खुलेंगे द्वार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दस दिवसीय अमेरिका प्रवास कई मायनों में सार्थक रहा। अमेरिका में भारतीय औद्योगिक निवेशकों से चर्चा छत्तीसगढ़ के लिए नई संभावनाएं के द्वार खोलेगा। अर्थशास्त्र में नोबल पुरस्कार प्राप्त प्रो. अभिजीत बनर्जी राज्य की अर्थ व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही मानव सूचकांक में बेहतर प्रदर्शन के लिए योजना बनाने में सहायता देंगे। यह गढबो नवा छत्तीसगढ़ के लिए सार्थक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का 30 से 40 प्रतिशत क्षेत्र अत्यंत पिछड़ा है। जहां 50 से 60 प्रतिशत गरीबी है। यह क्षेत्र वनों…

वनांचलों का विकास: नए फैसले नई रणनीति

प्रदेश में लगभग एक तिहाई आबादी अनुसूचित जनजातियों की है। आदिवासी अंचलों के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा तेजी से नए फैसले लिए जा रहे है। इन फैसलों को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। वनांचल में रहने वाले आदिवासी समुदाय के जनजीवन को आसान बनाने के लिए नए रास्ते तलाशने शुरू कर दिए हैं। स्थानीय लोगो को मूलभूत सुविधाएं देने का मुद्दा हो या रोजगार का मुद्दा हो इन सभी क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है। आदिवासी समुदाय की संस्कृति संरक्षण के लिए राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य…

शिक्षा में चुनौतियों को दूर करने व्यवहारिक कदम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग में जल्द ही राज्य ने दूर-दराज के क्षेत्रों में विषय शिक्षकों की कमी की समस्या को हल करने की घोषणा की है। इसके लिए एक पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में 10 फरवरी 2020 को वीडियो कॉल एप्लीकेशन का उपयोग करने की पहल की गई है। डिजिटल सामग्री और ई-लर्निंग, अनुभवी शिक्षकों द्वारा अयोजित प्रसारण कक्षाएं आदि के माध्यम से सुविधाओं और सुविधाओं के साथ सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता को सम्बोधित करने में प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। स्मार्ट प्रौद्योगिकियां बच्चों को…

राजिम का माघी पुन्नी मेला

गरियाबंद(बीएनएस)। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित पवित्र धार्मिक नगरी राजिम में प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक पंद्रह दिनों का मेला लगता है। राजिम तीन नदियों का संगम है इसलिए इसे त्रिवेणी संगम भी कहा जाता है, यहाँ मुख्य रूप से तीन नदिया बहती है, जिनके नाम क्रमशः महानदी, पैरी नदी तथा सोढुर नदी है, राजिम तीन नदियों का संगम स्थल है, संगम स्थल पर कुलेश्वर महादेव जी विराजमान है। वर्ष 2001 से राजिम मेले को राजीव लोचन महोत्सव के रूप में मनाया जाता था, 2005 से इसे कुम्भ…

छत्तीसगढ़ी गहनों के सौंदर्य को निहारेगा पूरा देश

छत्तीसगढ़ के लोक जीवन में प्रचलित गहनों का सौंदर्य अब राजपथ से पूरे देश में बिखरेगी। नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड़ में अब की बार छत्तीसगढ की झांकी को नेतृृत्व करने का मौका मिल रहा है। आभूषणों और शिल्पकलाओं की थीम पर बनी यह झांकी छत्तीसगढ़ के लोक-जीवन और समाज में कलात्मक सौंदर्यप्रियता को प्रतिबिंबित करती है। इस झांकी में बस्तर के आदिवासी समुदाय के ककसार नृृत्य की मनमोहक प्रस्तुति भी कलाकार देंगे। गणतंत्र दिवस के इस राष्ट्रीय पर्व में इस झांकी के जरिए छत्तीसगढ़ की आदिवासी कला…

नक्सल प्रभावित नारायणपुर : तमाम चुनौतियों के बावजूद जिले में बदलाव की बयार

नारायणपुर(बीएनएस)। तमाम चुनौतियों के बावजूद नारायणपुर जिले में सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है, बुनियादी ढांचा भी खड़़ा हुआ है। या यह कहिए कि जिले में बदलाव की बयार आयी है। सड़क, पुल-पुलिया और दूरसंचार के साधन पहले की अपेक्षा बढ़े हैं और लोगों का आत्मविश्वास भी। बदलाव की प्रक्रिया निरंतर जारी है। इसके अलावा अब ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से बेहतर नेट कनेक्टिविटी, बैंकिग सुविधाओं के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण कार्यो के अलावा स्व सहायता समूूहों के सदस्यों और युवाओं कोे रोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न ईलाकों में…

राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों के आकलन में छत्तीसगढ़ बना रोल मॉडल

रायपुर (बीएनएस)। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा में लगातार नवाचार और गुणवत्ता शिक्षा को निरंतर बल प्रदान किया जा रहा है। कक्षा पहली से आठवीं तक के स्कूली बच्चों का राज्य स्तरीय आकलन में 43 हजार 824 स्कूलों के 28 लाख 93 हजार 738 बच्चों का गुणवत्ता सुधार हेतु आकलन किया गया। विगत एक वर्ष में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया गया राज्य स्तरीय आकलन राष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों के आकलन के लिए रोल मॉडल बन गया है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी निहित क्षमताओं का सर्वश्रेष्ठ परिवर्तन…