आदिवासी नृत्य महोत्सव का सोशल मीडिया के जरिए लाखों लोग घर बैठे ही ले रहे आनंद

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का लाखों लोग सोशल मीडिया के जरिए घर बैठे ही आनंद उठा रहे है। कड़ी ठंड के बावजूद साईंस कॉलेज मैदान में देर रात तक बड़ी संख्या में लोग देश और विदेश से आए जनजातीय कलाकारों के मनमोहक नृत्यों का लुत्फ उठा रहे है वहीं लाखों की संख्या में लोग अपने घरों में ही बैठकर सोशल मीडिया के जरिए इसे लाइव देख रहे है। मुख्यमंत्री और जनसंपर्क विभाग के साथ ही ट्राइवलफेस्ट-2019 के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर आदिवासी नृत्य…

शिल्प ग्राम, छत्तीसगढ़ी व्यंजन और विभागीय स्टाल बने कौतुहल का केन्द्र : तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का समापन आज

रायपुर। प्रदेश में पहली बार आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आखरी दिन अवकाश का दिन होने के कारण मुख्य मंच पर आयोजित कार्यक्रमों के अलावा यहां लगाए गए स्टालों में रायपुर सहित प्रदेश भर के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। विशेष तौर पर शिल्प ग्राम, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों पर आधारित फूड जोन और विभागीय स्टॉलों की ओर रूख कर रहे है। शिल्प ग्राम में बेलमेटल, मिट्टी के बर्तन, हैण्डलूम में जमकर हुई खरीदी-शिल्प ग्राम जोन में बस्तर के बेल मेटल में आंगतुक काफी रूचि ले रहे। यहां आदिवासी संस्कृति का…

आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन बघरवाल, हन्ना, मरायुराट्टम, संथाली नृत्य सहित बस्तर के गौर नृत्य की रही धूम

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन उत्तराखण्ड, उत्तरप्रदेश, आन्ध्रप्रदेश, झारखण्ड सहित छत्तीसगढ़ के बस्तर के गौर नृत्य का प्रदर्शन मंच से हुआ, जिसमें कलाकारों ने अपने अप्रतिम नृत्य के हुनर का प्रदर्शन किया। एक ओर जहां उत्तराखण्ड से आए कलाकारों ने सैन्य पराक्रम पर आधारित बघरवाल नृत्य किया, वहीं केरल के मरायुराट्टम नृत्य ने प्रदेश के जवांरा पर्व की याद दिला दी। इसी प्रकार उत्तरप्रदेश के हन्ना नृत्य और हो व संथाली समुदाय के नर्तकों ने पारम्परिक विवाह उत्सव का प्रदर्शन गीत-संगीत से किया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश…

डांग नृत्य ने बटोरी तालियां, गोजरी बैट नृत्य में सर्व धर्म सद्भाव की झलक : बकरवाल नृत्य में विवाह कार्यक्रम की जीवंत प्रस्तुति

रायपुर। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन गुजरात के जनजातीय कलाकारों ने मनोहारी डांग नृत्य प्रस्तुत किया। डांग नृत्य में बस्तर के जनजातीय समुदाय द्वारा किए जाने वाले नृत्य की झलक दिखाई दी। डांग नृत्य गुजरात में होली एवं अन्य त्यौहार के अवसर पर किया जाता है। डांग नृत्य तेज गति से किए जाने वाला नृत्य है। गुजरात के आदिवासी लोक नृत्य डांग उनके पारंपरिक विधा पर आधारित है। महोत्सव में जम्मू-कश्मीर के कलाकारों द्वारा गोजरी बैट नृत्य प्रस्तुत किया गया। गोजरी बैट…

‘राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव‘ में छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्र रहे आकर्षण का केन्द्र

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्र आकर्षण का केन्द्र बना रहा। प्रदर्शनी में त्रिपुरा राज्य केे कलाकारों एवं अन्य राज्यों के कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्रों को देखा और इसके बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में छत्तीगढ़ के जनजातीय समुदायों द्वारा उपयोग किए जाने वाले चरहे, पुलकी, नकडेवन, बाना, खजेरी, बांस बाजा, हिरनांग, तंबूरा, तुडबुडी, मुंडा बाजा, कोंडोडका, नंगाडा, मृदंग, गतका, चिकारा, मांदरी आदि वाद्य यंत्रों को प्रदर्शित किया गया है। इन वाद्य यंत्रों को अन्य राज्यों के साथ…

भारतीय संस्कृति और यहाँ के लोगों में लगा अपनापन, थाईलैंड के कलाकारों को भा गई छत्तीसगढ़ की संस्कृति

रायपुर। अपनी संस्कृति और रहन-सहन जैसे अपने ही लोगों का प्यार, सत्कार जब मिलता है तो सात-समंदर की दूरी भी कम लगती है। कुछ ऐसा ही है थाईलैंड के कलाकारों की कहानी। राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव में छत्तीसगढ़ आकर जब अलग-अलग राज्यों के कलाकारों की संस्कृति को देखने का अवसर मिला और इन कलाकारों को जानने, समझने के बाद बातों ही बातों में एक दूसरे से परिचय हुआ तो थाईलैंड के कलाकारों को भारत की संस्कृति में अपनापन और यहाँ के लोग भी अपने से लगने लगे। भले ही वे यहाँ…

राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मंत्रियों ने मंच पर कलाकारों के साथ मिलाए ताल

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन भी आज देर रात तक छत्तीसगढ़ सहित भारत के कई प्रदेशों और दूसरे देशों से आए आदिवासी नृत्य दलों ने रंगारंग आकर्षक प्रस्तुतियां दी। गीत, संगीत, नृत्य और रंगों के सम्मोहन में दर्शकों के साथ ही अतिथिगण भी देर रात तक बंधे रहे। ऊपर मंच पर कलाकारों के और नीचे अतिथियों व दर्शकों के पैर लगातार थिरकते रहे। राज्यपाल अनुसुईया उइके, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, मंत्रीगण और अन्य अतिथिगण थाईलैंड और बेलारूस के नृत्य दलों की प्रस्तुति के दौरान…

नृत्य और संगीत आदिवासियों के जीवन का अभिन्न अंग : राज्यपाल अनुसुईया उइके

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज साईंस कॉलेज मैदान में चल रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल ने देश-विदेश से आए लोक कलाकारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासियों की संस्कृति बहुत समृद्ध रही है। हर प्रदेश की संस्कृति वहां की भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग है। यहां कई आदिवासी नृत्य देखने को मिले हैं, जो पहले देखने को नहीं मिले थे। इस राष्ट्रीय महोत्सव के दौरान अनेकता में एकता की भावना दिखाई दे रही है, जिससे…

एक ही स्थान पर विभिन्न संस्कृतियों का समागम : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज साईंस कॉलेज मैदान में चल रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल ने देश-विदेश से आए लोक कलाकारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासियों की संस्कृति बहुत समृद्ध रही है। हर प्रदेश की संस्कृति वहां की भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग है। यहां कई आदिवासी नृत्य देखने को मिले हैं, जो पहले देखने को नहीं मिले थे। इस राष्ट्रीय महोत्सव के दौरान अनेकता में एकता की भावना दिखाई दे रही है, जिससे…

यह साल किसानों की समृद्धि का रहा : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर। हमारी सरकार की योजनाओं की वजह से कृषकों को खेती पर भरोसा लौटा है। 2500 रूपए में धान खरीदी एवं कर्जमाफी के निर्णय से किसानों को आर्थिक संबल मिला। इस साल प्रदेश के किसानों की समृद्धि का साल रहा, यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्राम पतोरा में आयोजित कार्यक्रम में कही। वे सार्वजनिक हनुमान मन्दिर उत्सव में भाग लेने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सरकार ने न केवल कृषकों को फसल का उचित दाम दिलाने को लेकर पहल की है अपितु ग्रामीण विकास की…