मुख्यमंत्री ने हाईवे पेट्रोलिंग के लिए 15 वाहनों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया, सुगम, सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के साथ सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगी तत्काल राहत और सहायता

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में हाईवे पेट्रोलिंग हेतु 15 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि नागरिकों को इससे सुगम, सुरक्षित और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी साथ ही सड़क दुर्घटना पीड़ितों को भी तत्काल राहत और सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि शासन दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिये प्रतिबद्ध है। दुर्घटनाजन्य स्थलों की पहचान कर हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों के माध्यम से घायलों को शीघ्र ही मदद मिल पाएगी। शीघ्र मदद मिलने से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की जान बच सकेगी और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा दस जिलों बलौदाबाजार, धमतरी, बालोद, बेमेतरा, कोरिया, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कांकेर और कोण्डागांव के लिये 15 हाईवे पेट्रोल वाहनों को रवाना किया गया।

इस अवसर पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी, पुलिस महानिदेशक जेल संजय पिल्ले, विशेष पुलिस महानिदेशक आर के विज और अशोक जुनेजा सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। दस जिलों के राजमार्गों पर ब्लैक स्पॉट के आधार पर 15 सड़क खण्ड चिन्हित किये गये हैं, जिनकी लंबाई करीब 25 किलोमीटर है। इस मार्ग पर 24 घंटे तीन पालियों में एएसआई, हेड कॉन्सटेबल, कॉन्सटेबल और ड्राईवर उपलब्ध रहेंगे। हाईवे पेट्रोलिंग टीम सड़क दुर्घटना होने पर तत्काल घटना स्थल पर पहुंचेगी और दुर्घटना पीड़ित को 108 वाहन या हाईवे पेट्रोलिंग वाहन से तत्काल नजदीकी शासकीय अस्पताल हेतु रवाना करेगी। इसके साथ ही दुर्घटना पीड़ित व्यक्तियों के परिजनों को तुरंत सूचना दी जाएगी। टीम द्वारा हाईवे के किनारे खड़े खराब, दुर्घटनाग्रस्त, अवैध पार्किंग के वाहनों को हटवाया जाएगा। हाईवे पेट्रोलिंग के संचालन एवं नियंत्रण पर संबंधित पुलिस अधीक्षक का पूर्ण दायित्व होगा।

इस संसाधनों से लैस हैं हाईवे पट्रोलिंग वाहन- हाइवे पेट्रोलिंग वाहन सभी अतिआधुनिक एवं तकनीकि संसाधनों से लैस हैं। इनमें जीपीएस सिस्टम, ब्रीथ एनालाईजर(एल्कोमीटर), स्मार्ट फोन, रिफ्लेक्टर जैकेट, रेनकोट, एलईडी बेटन, एलईडी लाईट, पी.ए. सिस्टम एवं सायरन, वायरलेस सेट, डिजिटल कैमरा, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्नि शमन यंत्र, सर्ट लाईट, टूल किट (टोइंग हेतु), स्ट्रैचर की सुविधा उपलब्ध है।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में वाघनदी बॉर्डर से उड़ीसा बॉर्डर तक 322 किमी तक 15 हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ियां चल रही है। इससे सड़क दुर्घटनाओं और घायलों को समय पर उपचार मिलने में अत्यधिक सहायता मिली है। नई 15 हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ियों के लिये यातायात पुलिस और अंतर्विभागीय समिति द्वारा नये 15 सड़क खण्डों में उन दुर्घटनाजन्य स्थलों को चिह्नित किया गया है जहां डायल 112 की गाड़ियां नहीं चल रही हैं। एआईजी यातायात श्री संजय शर्मा ने बताया कि हाईवे पेट्रोलिंग गाड़ियों की त्वरित प्रतिक्रिया की वजह से विगत वर्ष की तुलना में पिछले 8 माह में सड़क दुर्घटनाओं में 24 प्रतिशत और सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु में 20 प्रतिशत की कमी आई है।

संबंधित समाचार

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.