रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोक पर्व तीजा (हरतालिका तीज) के अवसर पर प्रदेशवासियों विशेषकर सभी बहन-बेटियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। तीज की पूर्व संध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में तीज-त्यौहारों का विशेष महत्व रहा है। यहां के जन-जीवन और परम्पराओं में तीज-त्यौहार रचे बसे हैं। यहां हरितालिका तीज मनाने की विशिष्ट परम्परा रही है। इस दिन महिलाएं पति की लम्बी उम्र की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। नवविवाहिता बहन-बेटियों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं को तीज मनाने के लिए पिता या भाई ससुराल से मायके लेकर आते हैं। तीजा पर्व के एक दिन पहले करू भात खाने की परम्परा है। इसके लिए परिवारों में बहन-बेटियों को न्यौता दिया जाता है, जिससे महिलाओं को अपनी पुरानी सखी-सहेलियों और परिवार से मिलने और सुख-दुख बांटने का अवसर मिलता हैं।
प्रदेश की बहन-बेटियों को लोक पर्व तीजा (हरतालिका तीज) की बधाई एवं शुभकामनाएं।
यह त्यौहार बहन-बेटियों को सखी-सहेलियों और परिवार से मिलने और सुख-दुख बांटने का उत्सवपूर्ण अवसर देता है।
मैं सभी प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करता हूँ। pic.twitter.com/kBZy9kPpYm
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) September 9, 2021
श्री बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ की मूल संस्कृति से जुड़े त्यौहारों और परम्पराओं को सहेजने का हर संभव प्रयास कर रही है। सार्वजनिक रूप से तीजा-पोला, हरेली जैसे त्यौहारों को मनाया जा रहा है। प्रदेश में हरेली, तीजा, माता कर्मा जयंती, छठ पूजा और विश्व आदिवासी दिवस के दिन सार्वजनिक अवकाश की शुरूआत की गयी है। इससे नई पीढ़ी भी अपनी संस्कृति से अनायास जुड़ती जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लोक पर्व तीजा (हरतालिका तीज) के अवसर पर प्रदेशवासियों विशेषकर सभी बहन-बेटियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। pic.twitter.com/JxqSS00Mvr
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) September 9, 2021
