सरस्वती शिक्षा संस्थान शिक्षा के साथ संस्कार भी देते हैं : राज्यपाल सुश्री उइके

रायपुर(बीएनएस)। सरस्वती शिक्षा संस्थान जो आचार व्यवहार और आध्यात्मिकता की शिक्षा देते हैं, उससे विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता की भावना पैदा होती है। साथ ही नेतृत्व के गुण भी विकसित होते हैं। यह बात राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कही। वे आज सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित मेधावी विद्यार्थियों के अलंकरण समारोह को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा भी होता है कि लोग डिग्रियां ले लेते हैं, परन्तु उनमें संस्कार नहीं होता है। सरस्वती शिक्षा संस्थान में शिक्षा के साथ संस्कार भी देते हैं। वह शिक्षा ही उपयोगी होती है, जो समाज और देश के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है। राज्यपाल ने इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया।

उन्होंने कहा कि सरस्वती शिक्षा संस्थान ऐसा नाम है, जो सुनाई देते ही मन में संस्कार देने वाली संस्था की तस्वीर मन मस्तिष्क में आ जाती है। यहां की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां पर अमीर-गरीब किसी भी वर्ग का विद्यार्थी न्यूनतम शुल्क पर बहुत ही सुलभ तरीके से शिक्षा प्राप्त कर सकता है। राज्यपाल ने कहा कि सिर्फ शहरों में ही नहीं, गांवों-दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में इस संस्थान की पाठशाला निःस्वार्थ और समर्पण भाव से शिक्षण कार्य में रत है। आज जब बड़ी संख्या में कई कार्पोरेट जगत से जुड़े हुए स्कूल मौजूद हैं। उन सबके बीच अपनी जगह बना पाना ही इस शिक्षण संस्थान की श्रेष्ठता को सिद्ध करता है। उन्होंने कहा कि आज के युग में जब हमारी नई पीढ़ी आधुनिकीकरण की दौड़ में पश्चिमी सभ्यता की नकल कर रही है और हमारी प्राचीन संस्कृति और परम्पराओं को भूलते जा रही है, उस स्थिति में ऐसी शिक्षण संस्थाओं का होना अधिक प्रासंगिक है।

राज्यपाल ने कहा कि सभी विद्यार्थी कठिन परिश्रम, पूरे लगन और लगातार प्रयासों से पढ़ाई कर अपनी उत्कृष्ट मेधा और अध्ययन क्षमता का परिचय दिया है। यही कारण है कि प्रावीण्य सूची में आपने अपना नाम दर्ज कराकर अपने घर-परिवार, स्कूल, गांव-शहर और राज्य का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि समस्याएं और प्रतिस्पर्धाएं आज के जीवन की सामान्य बातें हैं। इन सबसेे जूझते हुए आपको आगे बढ़ना है और जीतना है। आप सब उस नये पथ के मुसाफिर हैं जिसे अभी और आगे चलते जाना है। आपकी मंजिल दूर है किन्तु दिये के रूप में आपको जलते ही जाना है। कार्यक्रम में संस्थान की वार्षिक शैक्षिक पत्रिका ‘कीर्तिमान’ का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर सांसद सुनील सोनी, संस्थान के अध्यक्ष बद्रीनाथ केशरवानी, संस्थान के प्रदेश सचिव जुड़ावन सिंह ठाकुर और भानु सोनी सहित विद्यार्थीगण और उनके परिजन तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

संबंधित समाचार

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.