इंदिरा गांधी ने अपनी दूर-दृष्टि और पक्के इरादों से भारत के विकास को दी नई दिशा : मुख्यमंत्री श्री बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 31 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इंदिरा गांधी के भारत के विकास में दिए अतुल्य योगदान को याद करते हुए कहा है कि श्रीमती गांधी ने दूर-दृष्टि और पक्के इरादे के साथ देश को नई दिशा प्रदान की। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश का कुशलतापूर्वक नेतृत्व करते हुए अंतर्राष्ट्रीय पटल पर भारत को प्रतिष्ठापूर्ण स्थान दिलाया। उनके हरित क्रांति कार्यक्रम की सफलता ने देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर…

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव 2021 : मुख्यमंत्री ने नशामुक्ति के प्रयासों को सराहा

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं राज्योत्सव में विभिन्न स्टालों के निरीक्षण के दौरान जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और आबकारी मंत्री कवासी लखमा समाज कल्याण विभाग के स्टाल में पहुंचे तब वहां नशा मुक्ति के लिए लोकगीतों के माध्यम से संदेश दिया जा रहा था। आबकारी मंत्री श्री लखमा लोकगीत की धुन पर अपने आप को रोक नहीं पाए और गीत के लय और धुन थिरकने लगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने भी कलापथक दल द्वारा नशामुक्ति के गीतों की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उल्लेखनीय है कि साइंस कालेज…

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का दूसरा दिन : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अतिथियों के साथ देखी नर्तक दलों की प्रस्तुति

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत और अतिथियों के साथ आदिवासी नर्तक दलों की प्रस्तुति देखी और उनका उत्साहवर्धन किया। इस महोत्सव के दौरान आयोजित प्रतियोगिता में पारम्परिक त्यौहारों, अनुष्ठानों, फसल कटाई एवं अन्य पारम्परिक विधाओं पर आधारित प्रतियोगिता की अंतिम प्रस्तुति गोवा के नृत्य दल ने कुनबी नृत्य प्रस्तुत कर दी। कुनबी नृत्य पूर्व पुर्तगालीन काल की सामाजिक विषयवस्तु पर आधारित है जो मांड या पूजा स्थल पर किया जाता है। आज #TribalFestivalCG के दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष…

आदिवासियों के रंग बिरंगे परिधानों को देख दर्शक हुए अभिभूत : अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति में यूगांडा, श्रीलंका एवं नाइजीरिया के कलाकार छाए

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन सांध्यबेला में जनजातीय जीवन शैली की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रही। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आदिवासी नृत्यों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को बांधे रखा। विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पांडुचेरी के सांस्कृति मंत्री चंद्रिका प्रियंगा, मन्त्रिमण्डल के सदस्यों एवं अतिथियों ने उनका उत्साहवर्धन किया। पांडिचेरी के कलाकारों ने जनजाति संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत कर दर्शकों को तालियाँ बजाने पर किया मजबूर पांडिचेरी के नर्तक दलों के कलाकारों ने अपने पारंपरिक वेशभूषा, वाद्ययंत्रों एवं मुख़ौटो के साथ नृत्य की…

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिप्स के स्टॉल का भ्रमण किया

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव और छत्तीसगढ़ राज्योत्सव- 2021 में आज शाम साइंस कॉलेज मैदान में चिप्स स्टॉल का भी भ्रमण किया। चिप्स के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजितेश पांडेय ने चिप्स द्वारा स्टॉल में प्रदर्शित विभिन्न योजनाओं के संदर्भ में मुख्यमंत्री को जानकारी प्रदान की। उल्लेखनीय है कि चिप्स द्वारा स्टाल में गोधन न्याय योजना की वेबसाइट और मोबाइल एप, क्वांटिफाइबल आयोग हेतु वेबसाइट और मोबाइल एप, भौगोलिक सूचना प्रणाली, 36Inc इनोवेशन सेंटर, विद्यार्थी जीवन चक्र प्रणाली, भरतनेट आदि योजनाओं की पोस्टर और ब्रोशर आदि…

राष्ट्रीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव : जन-जातियों के प्रकृति प्रेम को करमा नृत्य ने किया जीवंत

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव आदिम सभ्यता-संस्कृति-परंपराओं को जानने का अवसर देने के साथ प्रकृति के अनुपम उपहारों हवा, जल, जंगल, जमीन के साथ पर्यावरण संरक्षण महत्व को भी जन-जन तक पहुंचा रहा है। प्रकृति के महत्व को रेखांकित करते हुए राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में दूसरे दिन पारंपरिक त्यौहार, अनुष्ठान, फसल कटाई, कृषि एवं अन्य पारंपरिक विधाओं पर नृत्य प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और बिहार के कलाकारों ने करमा नृत्य की प्रस्तुति दी। बिहार राज्य से आए लोक नृर्तक दल…

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग राज्य सेवा परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों को दी बधाई

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की वर्ष 2020 की राज्य सेवा परीक्षा में सफल हुए समस्त अभ्यर्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की वर्ष 2020 की राज्य सेवा परीक्षा में सफल हुए समस्त अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं। आशा है कि लोक सेवा आयोग से चयनित सभी अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ राज्य के लोगों की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे और नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के सपने को साकार करेंगे। — Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) October 29, 2021 उन्होंने उम्मीद जताई है कि लोक…

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं राज्योत्सव 2021 : मुख्यमंत्री श्री बघेल का दिखा एक और अंदाज

रायपुर। राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक और नया अंदाज देखने को मिला। यहां कार्यक्रम में पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले महोत्सव स्थल पर मौजूद युवाओं के बीच पहुंचे और उनसे बाच-चीत की। उन्होंने कहा कि युवा देश के भावी कर्णधार है। उनमें असीम ऊर्जा सन्निहित है। वे इसका उपयोग कर देश तथा समाज के नव निर्माण में महती भागीदारी निभाएं। ये सभी युवा छत्तीसगढ़ यूथ आर्टिस्ट ऐसोसिएशन से थे, जो प्रदेश में संस्कृति से जुड़े ऐसे…

मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी और ग्रुप फोटो खिंचवाने लगी रही होड़

रायपुर। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान पर आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं राज्योत्सव समारोह के दूसरे दिन भी जनजातीय लोक-नृत्यों, वाद्यों एवं परिधानों ने इंद्रधनुषी छटा बिखेरी। इसके साथ ही आयोजन स्थल की साज-सज्जा ने भी दर्शकों को खूब लुभाया। इस दौरान लोगों ने विभिन्न लोकेशन पर जमकर सेल्फी ली और ग्रुफ फोटो भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीब पाकर उन्होंने उनके साथ भी सेल्फी ली और फोटो खिंचवाई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज भी आयोजन स्थल पर कलाकारों और आम लोगों के बीच लंबा समय बिताया। उन्होंने…

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं राज्योत्सव-2021: आधुनिक समाज को प्रकृति प्रेम आदिवासियों से सीखने की जरूरत : राज्यपाल अनुसुईया उइके

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश-दुनिया में आदिवासियों की संस्कृति बहुत समृद्ध है। आदिवासी, समृद्ध संस्कृति के वाहक होने के साथ ही प्रकृति के पूजक भी हैं। उनकी जीवनशैली और प्रकृति के बीच एक गहरा सामंजस्य है। आदिवासी न्यूनतम आवश्यकताओं पर जीने वाले होते हैं, यह वास्तव में उनकी जीवनशैली का मूलमंत्र है। वे प्रकृति से उतना ही लेते हैं, जितनी उन्हें आवश्यकता होती है, क्योंकि वे धरती को अपनी माता मानते हैं। आधुनिक समाज को कई मायनों में उनसे बहुत कुछ सीखने की…