रायपुर। कला और संस्कृति किसी भी जनजाति समुदाय की अपनी पहचान है और इसी जनजाति की पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव का आयोजन हर किसी को भा रहा है। नृत्य के साथ गीत एवं धुनों की जुगलबंदी के बीच जनजाति संस्कृति की जीवंत प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ ही नही देश के अन्य राज्यों एवं दूसरे देश के कलाकारों को मंच देकर इस आयोजन से दर्शकों और कलाकारों से खूब वाहवाही बटोरी। आयोजन के माध्यम से दर्शकों ने हर्ष,उल्लास के वातावरण में जनजाति कलाकारों द्वारा मनोरंजन…
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शासन का ध्येय किसानों की संतुष्टि : डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम
रायपुर। सहकारिता मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज यहां जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक कार्यालय के सभाकक्ष में धान खरीदी की समीक्षा करते हुए कहा कि धान उपार्जन का कार्य राज्य सरकार के सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि शासन का ध्येय किसानों की संतुष्टि है। सहकारिता मंत्री ने बैठक में उपस्थित सहकारिता विभाग के अधिकारियों, शाखा प्रबंधकों, उप पंजीयक सहकारी समिति और बैंक के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी खरीदी केन्द्रों में सही स्टेकिंग और पर्याप्त एवं सही ड्रेनेज की व्यवस्था सुनिश्चित हो। किसानों का…
कमिश्नर और कलेक्टर ने राजा भानपुरी धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया
राजनांदगांव। कमिश्नर दुर्ग संभाग दिलीप वासनीकर और कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने रात को राजनांदगांव विकासखंड के राजा भानपुरी धान उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने केंद्र में बारदाना रजिस्टर, किसान पंजीयन रजिस्टर, धान खरीदी रजिस्टर का निरीक्षण किया। केंद्र प्रभारी से धान खरीदी के लक्ष्य और सभी तक खरीदे गए धान की मात्रा की जानकारी ली। कलेक्टर श्री मौर्य ने प्रभारी को सभी पात्र किसानों का धान निर्धारित समय तक खरीदी करने के निदेश दिए। उन्होंने कहा कि दिन में ही धान की खरीदी की जाए। राज्य शासन…
राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव : अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति में श्रीलंका, बेलारूस और मालद्वीप के कलाकार छाए मालद्वीप के कलाकारों ने गाया लोकप्रिय हिंदी गीत
रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन भी सांध्यबेला में जनजातिय जीवन शैली की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रही। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आदिवासी नृत्यों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को बांधे रखा। झारखंड की मर्दानी झूमर और पाइका नृत्य ने एक बार फिर साबित किया कि उनकी जीवनचर्या में सांस्कृतिक विरासत किस तरह घुली मिली है। अपने जीवन शैली की बानगी उनके नृत्य में देखने को मिली जिसे जमकर सराहना मिली। अब बारी थी अंतरराष्ट्रीय आदिवासी नृत्य की। सांध्यबेला में पड़ोसी देश श्रीलंका के कलाकारों ने पीकॉक…
आदिवासी नृत्य महोत्सव का सोशल मीडिया के जरिए लाखों लोग घर बैठे ही ले रहे आनंद
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का लाखों लोग सोशल मीडिया के जरिए घर बैठे ही आनंद उठा रहे है। कड़ी ठंड के बावजूद साईंस कॉलेज मैदान में देर रात तक बड़ी संख्या में लोग देश और विदेश से आए जनजातीय कलाकारों के मनमोहक नृत्यों का लुत्फ उठा रहे है वहीं लाखों की संख्या में लोग अपने घरों में ही बैठकर सोशल मीडिया के जरिए इसे लाइव देख रहे है। मुख्यमंत्री और जनसंपर्क विभाग के साथ ही ट्राइवलफेस्ट-2019 के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर आदिवासी नृत्य…
शिल्प ग्राम, छत्तीसगढ़ी व्यंजन और विभागीय स्टाल बने कौतुहल का केन्द्र : तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का समापन आज
रायपुर। प्रदेश में पहली बार आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आखरी दिन अवकाश का दिन होने के कारण मुख्य मंच पर आयोजित कार्यक्रमों के अलावा यहां लगाए गए स्टालों में रायपुर सहित प्रदेश भर के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। विशेष तौर पर शिल्प ग्राम, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों पर आधारित फूड जोन और विभागीय स्टॉलों की ओर रूख कर रहे है। शिल्प ग्राम में बेलमेटल, मिट्टी के बर्तन, हैण्डलूम में जमकर हुई खरीदी-शिल्प ग्राम जोन में बस्तर के बेल मेटल में आंगतुक काफी रूचि ले रहे। यहां आदिवासी संस्कृति का…
आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन बघरवाल, हन्ना, मरायुराट्टम, संथाली नृत्य सहित बस्तर के गौर नृत्य की रही धूम
रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन उत्तराखण्ड, उत्तरप्रदेश, आन्ध्रप्रदेश, झारखण्ड सहित छत्तीसगढ़ के बस्तर के गौर नृत्य का प्रदर्शन मंच से हुआ, जिसमें कलाकारों ने अपने अप्रतिम नृत्य के हुनर का प्रदर्शन किया। एक ओर जहां उत्तराखण्ड से आए कलाकारों ने सैन्य पराक्रम पर आधारित बघरवाल नृत्य किया, वहीं केरल के मरायुराट्टम नृत्य ने प्रदेश के जवांरा पर्व की याद दिला दी। इसी प्रकार उत्तरप्रदेश के हन्ना नृत्य और हो व संथाली समुदाय के नर्तकों ने पारम्परिक विवाह उत्सव का प्रदर्शन गीत-संगीत से किया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश…
डांग नृत्य ने बटोरी तालियां, गोजरी बैट नृत्य में सर्व धर्म सद्भाव की झलक : बकरवाल नृत्य में विवाह कार्यक्रम की जीवंत प्रस्तुति
रायपुर। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन गुजरात के जनजातीय कलाकारों ने मनोहारी डांग नृत्य प्रस्तुत किया। डांग नृत्य में बस्तर के जनजातीय समुदाय द्वारा किए जाने वाले नृत्य की झलक दिखाई दी। डांग नृत्य गुजरात में होली एवं अन्य त्यौहार के अवसर पर किया जाता है। डांग नृत्य तेज गति से किए जाने वाला नृत्य है। गुजरात के आदिवासी लोक नृत्य डांग उनके पारंपरिक विधा पर आधारित है। महोत्सव में जम्मू-कश्मीर के कलाकारों द्वारा गोजरी बैट नृत्य प्रस्तुत किया गया। गोजरी बैट…
‘राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव‘ में छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्र रहे आकर्षण का केन्द्र
रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्र आकर्षण का केन्द्र बना रहा। प्रदर्शनी में त्रिपुरा राज्य केे कलाकारों एवं अन्य राज्यों के कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्रों को देखा और इसके बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में छत्तीगढ़ के जनजातीय समुदायों द्वारा उपयोग किए जाने वाले चरहे, पुलकी, नकडेवन, बाना, खजेरी, बांस बाजा, हिरनांग, तंबूरा, तुडबुडी, मुंडा बाजा, कोंडोडका, नंगाडा, मृदंग, गतका, चिकारा, मांदरी आदि वाद्य यंत्रों को प्रदर्शित किया गया है। इन वाद्य यंत्रों को अन्य राज्यों के साथ…
भारतीय संस्कृति और यहाँ के लोगों में लगा अपनापन, थाईलैंड के कलाकारों को भा गई छत्तीसगढ़ की संस्कृति
रायपुर। अपनी संस्कृति और रहन-सहन जैसे अपने ही लोगों का प्यार, सत्कार जब मिलता है तो सात-समंदर की दूरी भी कम लगती है। कुछ ऐसा ही है थाईलैंड के कलाकारों की कहानी। राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव में छत्तीसगढ़ आकर जब अलग-अलग राज्यों के कलाकारों की संस्कृति को देखने का अवसर मिला और इन कलाकारों को जानने, समझने के बाद बातों ही बातों में एक दूसरे से परिचय हुआ तो थाईलैंड के कलाकारों को भारत की संस्कृति में अपनापन और यहाँ के लोग भी अपने से लगने लगे। भले ही वे यहाँ…
