रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि अब हर साल राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन होगा। यह आयोजन राज्योत्सव के साथ होगा। राज्योत्सव कुल पांच दिनों को होगा। इसमें पहले दो दिन राज्य के स्थानीय कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। वहीं शेष तीन दिन राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में पहली बार देश-विदेश के कलाकारों ने एक साथ मंच साझा किया है। तीन दिवसीय महोत्सव में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकारों ने अपनी…
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कलाकारों ने कहा छत्तीसगढ़ उन्हें उम्रभर रहेगा याद : मुख्यमंत्री ने कलाकारों से की मुलाकात
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज साईंस कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय नृत्य महोत्सव के समापन अवसर पर छह देशों के विदेशी कलाकारों और कई राज्यों के आए जनजातीय कलाकारों से ग्रीन रूम में मुलाकात की। श्री बघेल ने कलाकारों को उनकी शानदार, सरस, कलात्मक और मनमोहक प्रस्तुति की सराहना की। इस दौरान कलाकारों ने भी छत्तीसगढ़ में मिले आतिथ्यभाव, मेहमान नवाजी, यहां की संस्कृति और परंपरागत खाने की सराहना की। साथ ही कलाकारों ने कार्यक्रम की इस सुखद एहसास बताते हुए कहा कि उन्हें उम्रभर छत्तीसगढ़ की यह यात्रा याद रहेगी।…
प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ द्वारा प्रकाशित कैलेंडर का मंत्री रविन्द्र चौबे ने किया विमोचन
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के कृषि और जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने आज शंकर नगर स्थित निवास में छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ एवं शासकीय संयुक्त कर्मचारी संघ द्वारा प्रकाशित कैलेंडर वर्ष 2020 का विमोचन किया। साथ ही उन्होंने राजपत्रित अधिकारी संघ को संग्रहणीय प्रकाशन के लिए शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह कैलेंडर शासकीय सेवकों के साथ साथ आम जनता के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी क्योंकि इसमें शासकीय सामान्य अवकाश के साथ ही ऐच्छिक अवकाश एवं महत्वपूर्ण संस्थाओं एवं व्यक्तियों के मोबाइल नंबर का संग्रह है।…
आदिवासियों के अधिकारों के लिए एकजुट होना होगा : मंत्री कवासी लखमा
रायपुर। राष्ट्रीय शोध-संगोष्ठी आदिवासी अस्मिता: कल, आज और कल, के तीसरे दिन प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि आदिवासियों के और अधिकारों के लिए एकजुट होना होगा। प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा सम्पन्न हैं, जो प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण कड़ी है। आदिवासी प्राकृतिक संसाधनों को सहजने का कार्य करते हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर आदिवासियों को अपनी जमीन का पट्टा नहीं बन पाया है। शासन ने सभी को जमीन का पट्टा देने का निर्णय लिया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से 10 लाख…
कलाकारों को मंच से मिली पहचान, आदिवासी महोत्सव से बढ़ी छत्तीसगढ़ की शान
रायपुर। कला और संस्कृति किसी भी जनजाति समुदाय की अपनी पहचान है और इसी जनजाति की पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव का आयोजन हर किसी को भा रहा है। नृत्य के साथ गीत एवं धुनों की जुगलबंदी के बीच जनजाति संस्कृति की जीवंत प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ ही नही देश के अन्य राज्यों एवं दूसरे देश के कलाकारों को मंच देकर इस आयोजन से दर्शकों और कलाकारों से खूब वाहवाही बटोरी। आयोजन के माध्यम से दर्शकों ने हर्ष,उल्लास के वातावरण में जनजाति कलाकारों द्वारा मनोरंजन…
शासन का ध्येय किसानों की संतुष्टि : डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम
रायपुर। सहकारिता मंत्री डाॅ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज यहां जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक कार्यालय के सभाकक्ष में धान खरीदी की समीक्षा करते हुए कहा कि धान उपार्जन का कार्य राज्य सरकार के सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि शासन का ध्येय किसानों की संतुष्टि है। सहकारिता मंत्री ने बैठक में उपस्थित सहकारिता विभाग के अधिकारियों, शाखा प्रबंधकों, उप पंजीयक सहकारी समिति और बैंक के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी खरीदी केन्द्रों में सही स्टेकिंग और पर्याप्त एवं सही ड्रेनेज की व्यवस्था सुनिश्चित हो। किसानों का…
राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव : अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति में श्रीलंका, बेलारूस और मालद्वीप के कलाकार छाए मालद्वीप के कलाकारों ने गाया लोकप्रिय हिंदी गीत
रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन भी सांध्यबेला में जनजातिय जीवन शैली की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रही। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आदिवासी नृत्यों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को बांधे रखा। झारखंड की मर्दानी झूमर और पाइका नृत्य ने एक बार फिर साबित किया कि उनकी जीवनचर्या में सांस्कृतिक विरासत किस तरह घुली मिली है। अपने जीवन शैली की बानगी उनके नृत्य में देखने को मिली जिसे जमकर सराहना मिली। अब बारी थी अंतरराष्ट्रीय आदिवासी नृत्य की। सांध्यबेला में पड़ोसी देश श्रीलंका के कलाकारों ने पीकॉक…
आदिवासी नृत्य महोत्सव का सोशल मीडिया के जरिए लाखों लोग घर बैठे ही ले रहे आनंद
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का लाखों लोग सोशल मीडिया के जरिए घर बैठे ही आनंद उठा रहे है। कड़ी ठंड के बावजूद साईंस कॉलेज मैदान में देर रात तक बड़ी संख्या में लोग देश और विदेश से आए जनजातीय कलाकारों के मनमोहक नृत्यों का लुत्फ उठा रहे है वहीं लाखों की संख्या में लोग अपने घरों में ही बैठकर सोशल मीडिया के जरिए इसे लाइव देख रहे है। मुख्यमंत्री और जनसंपर्क विभाग के साथ ही ट्राइवलफेस्ट-2019 के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर आदिवासी नृत्य…
शिल्प ग्राम, छत्तीसगढ़ी व्यंजन और विभागीय स्टाल बने कौतुहल का केन्द्र : तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का समापन आज
रायपुर। प्रदेश में पहली बार आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आखरी दिन अवकाश का दिन होने के कारण मुख्य मंच पर आयोजित कार्यक्रमों के अलावा यहां लगाए गए स्टालों में रायपुर सहित प्रदेश भर के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। विशेष तौर पर शिल्प ग्राम, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों पर आधारित फूड जोन और विभागीय स्टॉलों की ओर रूख कर रहे है। शिल्प ग्राम में बेलमेटल, मिट्टी के बर्तन, हैण्डलूम में जमकर हुई खरीदी-शिल्प ग्राम जोन में बस्तर के बेल मेटल में आंगतुक काफी रूचि ले रहे। यहां आदिवासी संस्कृति का…
आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन बघरवाल, हन्ना, मरायुराट्टम, संथाली नृत्य सहित बस्तर के गौर नृत्य की रही धूम
रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन उत्तराखण्ड, उत्तरप्रदेश, आन्ध्रप्रदेश, झारखण्ड सहित छत्तीसगढ़ के बस्तर के गौर नृत्य का प्रदर्शन मंच से हुआ, जिसमें कलाकारों ने अपने अप्रतिम नृत्य के हुनर का प्रदर्शन किया। एक ओर जहां उत्तराखण्ड से आए कलाकारों ने सैन्य पराक्रम पर आधारित बघरवाल नृत्य किया, वहीं केरल के मरायुराट्टम नृत्य ने प्रदेश के जवांरा पर्व की याद दिला दी। इसी प्रकार उत्तरप्रदेश के हन्ना नृत्य और हो व संथाली समुदाय के नर्तकों ने पारम्परिक विवाह उत्सव का प्रदर्शन गीत-संगीत से किया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश…
