डांग नृत्य ने बटोरी तालियां, गोजरी बैट नृत्य में सर्व धर्म सद्भाव की झलक : बकरवाल नृत्य में विवाह कार्यक्रम की जीवंत प्रस्तुति

रायपुर। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन गुजरात के जनजातीय कलाकारों ने मनोहारी डांग नृत्य प्रस्तुत किया। डांग नृत्य में बस्तर के जनजातीय समुदाय द्वारा किए जाने वाले नृत्य की झलक दिखाई दी। डांग नृत्य गुजरात में होली एवं अन्य त्यौहार के अवसर पर किया जाता है। डांग नृत्य तेज गति से किए जाने वाला नृत्य है। गुजरात के आदिवासी लोक नृत्य डांग उनके पारंपरिक विधा पर आधारित है। महोत्सव में जम्मू-कश्मीर के कलाकारों द्वारा गोजरी बैट नृत्य प्रस्तुत किया गया। गोजरी बैट…

‘राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव‘ में छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्र रहे आकर्षण का केन्द्र

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्र आकर्षण का केन्द्र बना रहा। प्रदर्शनी में त्रिपुरा राज्य केे कलाकारों एवं अन्य राज्यों के कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्रों को देखा और इसके बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में छत्तीगढ़ के जनजातीय समुदायों द्वारा उपयोग किए जाने वाले चरहे, पुलकी, नकडेवन, बाना, खजेरी, बांस बाजा, हिरनांग, तंबूरा, तुडबुडी, मुंडा बाजा, कोंडोडका, नंगाडा, मृदंग, गतका, चिकारा, मांदरी आदि वाद्य यंत्रों को प्रदर्शित किया गया है। इन वाद्य यंत्रों को अन्य राज्यों के साथ…

भारतीय संस्कृति और यहाँ के लोगों में लगा अपनापन, थाईलैंड के कलाकारों को भा गई छत्तीसगढ़ की संस्कृति

रायपुर। अपनी संस्कृति और रहन-सहन जैसे अपने ही लोगों का प्यार, सत्कार जब मिलता है तो सात-समंदर की दूरी भी कम लगती है। कुछ ऐसा ही है थाईलैंड के कलाकारों की कहानी। राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव में छत्तीसगढ़ आकर जब अलग-अलग राज्यों के कलाकारों की संस्कृति को देखने का अवसर मिला और इन कलाकारों को जानने, समझने के बाद बातों ही बातों में एक दूसरे से परिचय हुआ तो थाईलैंड के कलाकारों को भारत की संस्कृति में अपनापन और यहाँ के लोग भी अपने से लगने लगे। भले ही वे यहाँ…

राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मंत्रियों ने मंच पर कलाकारों के साथ मिलाए ताल

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन भी आज देर रात तक छत्तीसगढ़ सहित भारत के कई प्रदेशों और दूसरे देशों से आए आदिवासी नृत्य दलों ने रंगारंग आकर्षक प्रस्तुतियां दी। गीत, संगीत, नृत्य और रंगों के सम्मोहन में दर्शकों के साथ ही अतिथिगण भी देर रात तक बंधे रहे। ऊपर मंच पर कलाकारों के और नीचे अतिथियों व दर्शकों के पैर लगातार थिरकते रहे। राज्यपाल अनुसुईया उइके, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, मंत्रीगण और अन्य अतिथिगण थाईलैंड और बेलारूस के नृत्य दलों की प्रस्तुति के दौरान…

नृत्य और संगीत आदिवासियों के जीवन का अभिन्न अंग : राज्यपाल अनुसुईया उइके

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज साईंस कॉलेज मैदान में चल रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल ने देश-विदेश से आए लोक कलाकारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासियों की संस्कृति बहुत समृद्ध रही है। हर प्रदेश की संस्कृति वहां की भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग है। यहां कई आदिवासी नृत्य देखने को मिले हैं, जो पहले देखने को नहीं मिले थे। इस राष्ट्रीय महोत्सव के दौरान अनेकता में एकता की भावना दिखाई दे रही है, जिससे…

एक ही स्थान पर विभिन्न संस्कृतियों का समागम : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज साईंस कॉलेज मैदान में चल रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल ने देश-विदेश से आए लोक कलाकारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासियों की संस्कृति बहुत समृद्ध रही है। हर प्रदेश की संस्कृति वहां की भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग है। यहां कई आदिवासी नृत्य देखने को मिले हैं, जो पहले देखने को नहीं मिले थे। इस राष्ट्रीय महोत्सव के दौरान अनेकता में एकता की भावना दिखाई दे रही है, जिससे…

यह साल किसानों की समृद्धि का रहा : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर। हमारी सरकार की योजनाओं की वजह से कृषकों को खेती पर भरोसा लौटा है। 2500 रूपए में धान खरीदी एवं कर्जमाफी के निर्णय से किसानों को आर्थिक संबल मिला। इस साल प्रदेश के किसानों की समृद्धि का साल रहा, यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्राम पतोरा में आयोजित कार्यक्रम में कही। वे सार्वजनिक हनुमान मन्दिर उत्सव में भाग लेने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सरकार ने न केवल कृषकों को फसल का उचित दाम दिलाने को लेकर पहल की है अपितु ग्रामीण विकास की…

जम्मू कश्मीर के गुजर बकरवाल नृत्य ने दिया एकता और शांति का संदेश, ओडिसा का सिंगारी नृत्य दर्शकों में भर दिया जोश

रायपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित 3 दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन भी आदिवासी संस्कृति की झलक नृत्य और संगीत से सराबोर रहा। देश के अलग अलग प्रान्तों से आये दलों ने अपने रीति-रिवाजों और परम्पराओं की आकर्षक प्रस्तुति दी जो दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सांध्यबेला में जम्मू कश्मीर से आये 18 सदस्यों के दल ने एकता और शांति का ऐसा संदेश दिया कि दर्शक दीर्घा तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो गया। अपनी धरती की खूबसूरती और उससे लगाव को दल ने भाव सहित प्रस्तुत किया।…

संस्कृति मंत्री श्री भगत से राज्यों से आए कलाकारों ने की मुलाकात

रायपुर। संस्कृति मंत्री अमरजीत से आज राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में आए असम सहित कई राज्यों के प्रतिभागी कलाकारों ने मुलाकात की। श्री भगत ने जनजातीय कलाकारों से आत्मीयता से बातचीत की। चर्चा में कलाकारों ने कहा कि छत्तीसगढ़ आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। जब भी मौका लगा तो वे पुनः छत्तीसगढ़ आयेंगे। कलाकारों ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन को सराहनीय बताया और कहा कि इससे आदिवासी कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका मिला। एक दूसरे की संस्कृति और परम्परा को जानने…

शिक्षक प्रोत्साहन के लिए पुरस्कार, सक्रिय शिक्षकों की जानकारी 10 जनवरी तक मंगाई गई

रायपुर। इस वर्ष सम्रग शिक्षा के अंतर्गत प्रत्येक विकासखण्ड से एक शिक्षक और 27 जिलों से एक-एक शिक्षक सहित कुल 176 शिक्षकों का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारी, डाइर्ट के प्राचार्यों, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा को अपने जिले के एक सक्रिय शिक्षक और जिले के सभी विकासखण्डों से एक-एक सक्रिय शिक्षक का विवरण 10 जनवरी 2019 तक अनिवार्य रूप से भेजने के निर्देश दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि इसके लिए प्रत्येक जिले,…