परम्परागत चिकित्सा पद्धति में है कई रोगों का इलाज

रायपुर। छत्तीसगढ़ की जैव विविधता पूरे देश में प्रसिद्ध है यहां के वनांचल में वनोषौधियों का अकुत भण्डार है। आदिवासी अंचलों में परम्परागत चिकित्सों द्वारा इसका बड़े पैमाने पर उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा परम्परागत चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए टेªडिशनल मेडिसिन बोर्ड का गठन करने का निर्णय लिया गया है। साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में देशी चिकित्सा पद्धतियों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। इन स्टॉलों में परम्परागत चिकित्सकों (वैद्य) द्वारा लोगों का इलाज भी किया जा…

स्वाद में लजीज पैरा फुटु आदिवासी अंचलों से अब फाइव स्टार होटलों तक

रायपुर। आदिवासी अंचलों में खाएं जाने वाला पैरा फुटु (मशरूम) बेहतरीन स्वाद की बदौलत फाइव स्टार होटलों में लजीज व्यंजनों के रूप में परोसा जाता है। प्रोटीन का बढ़िया स्रोत यह व्यंजन अब आमजनों में तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है। पहले पैरा फुटु केवल बरसात के मौसम में मिलता था लेकिन महिला समूहों द्वारा इसका अब बारह महीने उत्पादन किया जा रहा है। कृषि और उससे जुड़े विभागों द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साईंस कॉलेज…

छत्तीसगढ़ के विकास में संयुक्त राष्ट्र की संस्थाएं करेंगी सहयोग, राज्य योजना आयोग की यू.एन. रेजीडेण्ट कॉर्डिनेटर के साथ बैठक में सहमति

रायपुर। राज्य के विकास में यूनाइटेड नेशंस की विभिन्न संस्थाएं सहयोग करेंगी। इस संबंध में शुक्रवार को राज्य योजना आयोग छत्तीसगढ़ एवं यूएन रेजीडेण्ट कॉर्डिनेटर की बैठक में सहमति व्यक्त की गई। बैठक में यूएन रेजीडेण्ट कॉर्डिनेटर रेनेटा लोक डेसालिएन, छत्तीसगढ़ राज्य योजना के उपाध्यक्ष अजय सिंह, राज्य योजना आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमणियम, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा एवं शासन के विभागों के प्रमुख अधिकारियों एवं यूएन एजेंसियों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में यूएन की सुश्री रेनेटा ने कहा कि वे छत्तीसगढ़ के दौरे पर फिर…

छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की खुशबू लोगों को खींच ला रही स्टालों तक, राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव में नृत्य के साथ लोग ले रहें व्यंजनों का आनन्द

रायपुर। आदिवासी गीत संगीत और नृत्य के समागम के साथ साइंस कॉलेज मैदान में राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव कार्यक्रम पूरे सबाब पर है। देश-विदेश से पहुंचे आदिवासी कलाकारों के नृत्य और संस्कृति को देखने लोगों की भीड़ निरन्तर कार्यक्रम स्थल पर पहुंच रही है। एक तरफ लोगों को जहाँ विविध लोक नृत्यों को देखने का सुनहरा अवसर राज्य में पहली बार मिल रहा है वही यहां स्टालों के माध्यम से लगी छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की स्टालों में खाने का स्वाद भी मिल रहा है। लोगों की भीड़ इन स्टालों में सुबह से…

लौह, काष्ठ, माटी शिल्पों में है लोक जीवन के रंग, शिल्पग्राम को मिल रही विदेशी मेहमानों की सराहना

रायपुर। आदिवासियों की कला स्वाभाविक और जीवंत होती है, इनकी कलाओं में लोक जीवन की घटनाओं का चित्रण मिलता है। कलाकारों की सरल और सहज अभिव्यक्ति चारचांद लगा देती है। चाहे मिट्टी-शिल्प की बात हो या लौह-शिल्प की, कलाकारों के सिद्धहस्त हाथ, उनकी जादूगरी देखते ही बनती है। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अवसर पर साईंस कॉलेज मैदान में बनाए गए शिल्पग्राम में भारी भीड़ उमड़ रही है। यहां हैण्डलूम, बांस-शिल्प, डोकरा-आर्ट, बस्तर-आर्ट और माटी शिल्पों को देश-विदेश से आए कलाकारों और स्थानीय लोगों द्वारा खूब सराहा जा रहा है।…

उत्तराखण्ड का हारूल नृत्य व श्रीलंका के शोर इन ड्रैगन नृत्य ने बांधा समां, श्रृंगार व वीर रस से ओतप्रोत पारम्परिक उत्सवों का प्रदर्शन जारी

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव-2019 के आयोजन के दूसरे दिन भारत के गुजरात, तेलंगाना, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखण्ड प्रांत सहित अंडमान निकोबार तथा मालदीव, श्रीलंका, युगाण्डा देश के कलाकारों ने अपनी स्थानीय संस्कृति पर आधारित नृत्य एवं गीतोें का रोचक ढंग से प्रस्तुति दी। अधिकांश प्रस्तुतियां पारम्परिक उत्सवों व त्यौहारों पर आधारित थीं, वहीं वीररस, श्रृंगाररस से ओतप्रोत नृत्य कलाकारों के द्वारा मंच पर प्रस्तुत किए गए। इस दौरान प्रदेश के संस्कृति एवं खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह भगत उपस्थित थे। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के तीन दिवसीय आयोजन के दूसरे…

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की बैठक में वार्षिक कार्य-योजना का अनुमोदन

रायपुर। मुख्य सचिव आर. पी. मण्डल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राज्य स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की आगामी वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 1869 करोड़ 69 लाख रूपए की कार्य-योजना का अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2018-19 की वैधानिक आडिट रिपोर्ट का अनुमोदन किया गया, जिसे स्वीकृति के लिए भारत शासन को भेजा जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत वर्ष 2019-20 में खर्च किये गए राशि एवं भौतिक…

पारंपरिक वाद्ययंत्रों से युवा वर्ग हो रहे आकर्षित : रूंजू, मांदरी, दफरा, तोडी, कोडोड़का, कोपीबाजा, बांस बाजा, खल्लर जैसे वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन

रायपुर। बहुरंगी लोक वाद्य यंत्र युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। इन वाद्य यंत्रों का परंपरागत लोक नृत्यों और विभिन्न सामाजिक उत्सवों पर प्रमुखता से उपयोग होता है। युवाओं को अपनी संस्कृति से जुड़ने का भी मौका मिल रहा है। साइंस कॉलेज मैदान में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अवसर पर जनसंपर्क विभाग की छायाचित्र प्रदर्शनी में इन वाद्य यंत्रों को प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शनी में प्रस्तुत किए गए पारंपरिक वाद्य यंत्रों में फरक्का, सारंगी, चिकारा, रूंजू, मांदरी, मृदंग, दफरा, नंगाड़ा, तोडी, कोडोड़का, छड़ी, कोपीबाजा, बांस बाजा, खल्लर,…

शीत लहर और पाला से बचाव के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी

रायपुर। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि राज्य में शीत लहर और पाला की स्थिति उत्पन्न होने पर उससे बचाव के सभी आवश्यक उपाय सुनिश्चित करें। निर्देशानुसार राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव ने राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों एवं मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देशा जारी कर दिए हैं। राहत आयुक्त एवं सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों और मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं…

आदिवासी नृत्य महोत्सव में राम वन गमन पर्यटन परिपथ की भी दिखी झलक

रायपुर। राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में राम वन गमन पर्यटन परिपथ की झलक भी लोगों को देखने को मिल रही है। देश-विदेश से आए कलाकारों और स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सराहना भी की जा रही है। छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के स्टॉल में छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण स्थलों के साथ ही राम वन पर्यटन परिपथ को भी प्रदर्शित किया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पर्यटन परिपथ निर्माण की घोषणा की है। जिसके तहत राम वन गमन…